मेनू कार्ड कैसे बनाएं ऑनलाइन? QR मेनू के साथ

होटल, ढाबा या कैफे का मेनू कार्ड कैसे बनाएं? डिश, रेट और फोटो, और टेबल के लिए QR कोड। रेट कभी भी बदलिए, दोबारा प्रिंट नहीं करवाना।

मेनू कार्ड बना दो

क्या होटल या ढाबे का मेनू कार्ड खुद, QR कोड के साथ, ऑनलाइन बना सकते हैं?

हां। होटल का नाम और डिश रेट के साथ हिंदी या English में लिखिए, कुछ मिनट में AI हिस्सों में बंटा हुआ मेनू पेज बना देता है, फोटो और फोन पर पढ़ने लायक लिखाई के साथ। लाइव होने के बाद "साइट मैनेज करें" से QR कोड डाउनलोड करके टेबल पर लगाइए। पेज पर रेट बदलें तो QR वही रहता है, दोबारा प्रिंट नहीं।

मेनू कार्ड कैसे बनाएं ऑनलाइन, तीन स्टेप में

  1. डिश रेट के साथ लिखिए: हिस्से बनाकर: नाश्ता, थाली, मेन कोर्स, रोटी, मीठा, ड्रिंक्स। हर एक का नाम और रेट; रेट न दें तो AI खुद नहीं बनाता।
  2. चेक कीजिए, लाइव कीजिए: कुछ मिनट में मेनू स्क्रीन पर। फोन के साइज़ पर पढ़िए, छोटा लगे तो लिखाई बड़ी करवाइए, फिर लाइव करने का बटन दबाइए।
  3. QR डाउनलोड, टेबल पर: "साइट मैनेज करें" में लाइव लिंक के साथ QR बटन से कार्ड डाउनलोड होता है। प्रेस से हर टेबल के लिए एक छपवाइए।

छपा मेनू कार्ड खर्च कभी बंद नहीं करता

पनीर का रेट थोड़ा बढ़ा और पूरा मेनू कार्ड पुराना। नई डिश के लिए जगह नहीं, टेबल पर कार्ड तेल और दाल के दाग से खराब, और कुछ महीने बाद फिर छपाई। बीच में वेटर कहता रहता है, "सर, यह अब थोड़ा महंगा हो गया है"।

QR मेनू में यह झंझट नहीं। मेनू एक पेज है, और टेबल पर लगा QR सिर्फ उस पेज का पता रखता है। रेट पेज पर बदलिए, टेबल का कार्ड बिल्कुल वैसा का वैसा।

आपके मेनू कार्ड में क्या होगा

मेनू का QR कोड: कहां से, कैसे छापें

मेनू लाइव होने के बाद "साइट मैनेज करें" खोलिए। ऊपर लाइव लिंक के साथ QR कोड का बटन है; दबाइए, फिर QR डाउनलोड। जो मिलता है वह सिर्फ चौकोर कोड नहीं, पूरा छापने वाला कार्ड है: ऊपर होटल का नाम, उसके नीचे कैमरे से खोलने की हिदायत, बीच में कोड और नीचे मेनू का पता। कोड घिस भी जाए तो ग्राहक पता टाइप कर सकता है।

छापते समय कोड कम से कम तीन उंगली चौड़ा रखिए, मोटे कार्ड पर छापिए और लैमिनेशन करवाइए; टेबल पर पानी गिरेगा। छपने से पहले अपने फोन से एक बार स्कैन कीजिए। BanglaCodes खुद कुछ प्रिंट नहीं करता; कार्ड पास के प्रेस से बनवाइए।

मेनू का रेट खुद बदलिए, बिना AI के

रेट बढ़ा या नई डिश आई, तो "साइट मैनेज करें" में लिखाई और रेट बदलकर सेव कीजिए; सेव होते ही लाइव मेनू पर। न AI, न Token, और टेबल का QR वही। आज के स्पेशल वाली लाइन हर सुबह इसी तरह बदल सकते हैं।

रंग, फॉन्ट, लोगो, और होटल का फोन, WhatsApp और पता भी यहीं से बदलते हैं। मेनू के साथ होटल का लोगो और ऑफर का पोस्टर भी यहीं बनता है।

होटल मेनू कार्ड डिजाइन: छपा कार्ड भी चाहिए तो

बहुत ग्राहक, खासकर बड़े लोग, हाथ में कागज़ का मेनू पसंद करते हैं, और पहले कुछ महीने कागज़ की कॉपी रखना फायदा देता है। बिल्डर से कहिए: "मेनू का A4 प्रिंट वर्ज़न प्रिंट बटन के साथ बना दो, जिससे प्रिंट करने पर सफेद पन्ने पर सिर्फ मेनू आए, कोने में इसी वेबसाइट का QR।" फिर प्रिंट बटन से PDF सेव कीजिए।

PDF प्रेस ले जाने से पहले खुद खोलिए: सारे रेट सही, लिखाई ठीक, एक पन्ने में पूरा? कागज़ के कोने में QR हो तो रेट बदलने के बाद ग्राहक फोन पर नया रेट देख लेते हैं।

मेनू कार्ड बनाने का खर्च

मेनू बनाना, बदलना और आपका-नाम.banglacodes.app पर लाइव करना फ्री है, रोज़ 4,00,000 तक फ्री AI Token से, और QR कोड डाउनलोड भी फ्री। सिर्फ कार्ड छापने का खर्च है, जो प्रेस का है।

फ्री मेनू पर टेकअवे ऑर्डर WhatsApp बटन से आते हैं। मेनू अपने डोमेन (जैसे aiinbangla.com) पर चलाना हो तो लाइफटाइम होस्टिंग, एक बार की पेमेंट, कोई रिन्यूअल नहीं; तब फॉर्म के ऑर्डर वेबसाइट के इनबॉक्स में आते हैं। भारत से इंटरनेशनल कार्ड (Visa या Mastercard) से खरीदते हैं।

मेनू कार्ड के बारे में सवाल

मेनू कार्ड बनाने का कितना खर्च है?

मेनू बनाना, लाइव करना और QR डाउनलोड फ्री है, रोज़ के फ्री AI Token से। खर्च सिर्फ टेबल कार्ड छापने का है, जो प्रेस का है। अपने डोमेन पर चलाने के लिए एक बार की लाइफटाइम होस्टिंग चाहिए।

रेट बदलने पर क्या नया QR कोड छापना होगा?

नहीं। QR कोड में मेनू नहीं, सिर्फ मेनू पेज का पता होता है। "साइट मैनेज करें" में रेट बदलकर सेव कीजिए, सबको नया रेट; टेबल का कार्ड वही।

क्या मेनू से ऑर्डर आ सकते हैं, और UPI से पेमेंट?

मेनू पेज पेमेंट नहीं लेता, UPI भी नहीं। टेकअवे ऑर्डर के लिए नीचे WhatsApp बटन लगाइए; दबाने से आपके नंबर पर मैसेज खुलता है। चाहें तो अपनी UPI ID पेज पर सादे टेक्स्ट में लिख दीजिए।

क्या मेनू कार्ड हिंदी और English दोनों में हो सकता है?

हां। बॉक्स में लिखिए कि हर डिश के हिंदी नाम के नीचे English नाम चाहिए, या उल्टा। बाहर से आए मेहमानों और टूरिस्ट के काम आता है।

क्या ग्राहक को फोन में अलग ऐप चाहिए?

नहीं। आजकल लगभग हर फोन का कैमरा खुद QR पढ़ लेता है, और Google Lens भी। पुराने फोन के लिए कार्ड पर QR के नीचे मेनू का पता लिखा होता है, टाइप किया जा सकता है।

क्या मेरा मेनू Google पर आएगा?

लाइव मेनू Google के लिए खुला है, फ्री पते पर भी। होटल का नाम, पता और टाइमिंग सही देने से मिलने के चांस बढ़ते हैं, लेकिन Google कहां दिखाए यह Google तय करता है।

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