चुनावी पोस्टर कैसे बनाएं? उम्मीदवार की फोटो और चुनाव चिन्ह के साथ
चुनावी पोस्टर मोबाइल पर: उम्मीदवार का नाम, पद, चुनाव चिन्ह और फोटो दीजिए, AI पोस्टर बना देगा। सरपंच, पंचायत, वार्ड, सोसाइटी या कॉलेज चुनाव।
- ग्राम पंचायत चुनाव का पोस्टर बना दो: सरपंच पद के उम्मीदवार रमेश यादव, ग्राम पंचायत खैरपुर। ऊपर नारा "गांव का विकास, सबका साथ", मिले हुए चुनाव चिन्ह की फोटो दे रहा हूं। ब्लैक एंड व्हाइट, प्रिंट के लिए।
- हाउसिंग सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी के चुनाव के लिए पोस्टर: सेक्रेटरी पद की उम्मीदवार, नाम और फोटो मैं दे रही हूं, वोटिंग रविवार को। WhatsApp ग्रुप के लिए चौकोर।
- कॉलेज छात्र संघ चुनाव के लिए सादा सा पोस्टर: अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अनन्या मिश्रा, नारा "हर छात्र की आवाज़"। A4 प्रिंट के लिए।
चुनावी पोस्टर मोबाइल पर कैसे बनाएं, उम्मीदवार की फोटो और चुनाव चिन्ह के साथ?
उम्मीदवार का नाम, पद, कौन सा चुनाव, चुनाव चिन्ह और वोटिंग की तारीख लिखिए और फोटो दीजिए। AI चुनावी पोस्टर बना देता है, नाम और नारा असली हिंदी फॉन्ट में, इसलिए मात्राएं और स्पेलिंग नहीं बिगड़तीं। फिर पोस्टर PNG बनकर फोन में आता है, WhatsApp और Facebook या प्रेस के लिए। डिजाइन फ्री है; प्रिंटिंग आपका चुना हुआ प्रेस करता है।
चुनावी पोस्टर कैसे बनाएं, तीन स्टेप में
- उम्मीदवार की जानकारी लिखिए: नाम, पद, चुनाव, चुनाव चिन्ह का नाम, वोटिंग की तारीख और एक लाइन का नारा। उम्मीदवार की साफ फोटो और मिले हुए चिन्ह की फोटो दीजिए।
- देखिए, जो बदलना है बताइए: पोस्टर आए तो बताइए क्या बदलना है: "नाम बड़ा करो", "चिन्ह दाईं तरफ करो", "ब्लैक एंड व्हाइट कर दो"।
- नीचे मुद्रक और प्रकाशक की लाइन, फिर डाउनलोड: प्रिंट होने वाले पोस्टर के नीचे प्रेस का नाम और पता और प्रकाशक का नाम और पता की लाइन रखवाइए, फिर PNG डाउनलोड करके प्रेस ले जाइए।
हर चुनावी पोस्टर पर उम्मीदवार का नाम सही
चुनावी पोस्टर की सबसे बड़ी शर्मिंदगी गलत स्पेलिंग वाला नाम है। AI फोटो वाले टूल से हिंदी लिखाई मांगें तो मात्रा और आधे अक्षर टूट जाते हैं और नाम पढ़ा नहीं जाता। फोटो बनाने वाले मॉडल हिंदी अक्षर नहीं लिख सकते।
यहां नाम, पद, चिन्ह का नाम और नारा ड्रॉ नहीं होते, असली फॉन्ट में सेट होते हैं, बिल्कुल जैसे आपने लिखे। फिर भी डाउनलोड के बाद उम्मीदवार से एक बार नाम पढ़वा लीजिए: हज़ार कॉपी छपने के बाद एक अक्षर भी नहीं बदलता।
चुनावी पोस्टर पर क्या ज़रूर हो
- उम्मीदवार का नाम और फोटो: नाम पोस्टर की सबसे बड़ी लिखाई। फोटो अच्छी रोशनी में, सीधी; धुंधली फोटो बड़ा छापने पर और धुंधली लगती है
- पद: सरपंच, पंच, प्रधान, वार्ड पार्षद, अध्यक्ष या सेक्रेटरी, ताकि वोटर तुरंत समझे किस पद का उम्मीदवार है
- चुनाव चिन्ह: चिन्ह का नाम और उसकी साफ फोटो। नाम के साथ बड़ा चिन्ह उन वोटरों के काम आता है जो पढ़ नहीं पाते
- चुनाव और तारीख: कौन सी ग्राम पंचायत, वार्ड, सोसाइटी या कॉलेज, और वोटिंग किस दिन। तारीख खुद लिखिए
- एक लाइन का नारा: वादों की लंबी लिस्ट पोस्टर पर कोई नहीं पढ़ता; वह पैम्फलेट में डालिए
- प्रिंट वाले पोस्टर पर नीचे मुद्रक (प्रेस) और प्रकाशक का नाम और पता, जिसकी बात नीचे है
किन चुनावों के पोस्टर बन सकते हैं
कोई भी चुनाव: ग्राम पंचायत (सरपंच, प्रधान, उपसरपंच, पंच), पंचायत समिति, BDC और ज़िला परिषद, नगर निगम या नगर पालिका का वार्ड, हाउसिंग सोसाइटी और RWA, बार एसोसिएशन, कॉलेज और यूनिवर्सिटी का छात्र संघ, व्यापारी संघ, यूनियन और क्लब। ढांचा वही रहता है, बस पद और चिन्ह बदलते हैं।
BanglaCodes किसी पार्टी या उम्मीदवार की तरफ नहीं है। हर कोई अपने या अपने उम्मीदवार के लिए पोस्टर एक ही शर्त और एक ही रेट पर बना सकता है। किसी पार्टी का चिन्ह या झंडा हम उदाहरणों में नहीं रखते। पोस्टर पर क्या लिखा है यह आपकी ज़िम्मेदारी है: दूसरे उम्मीदवार का अपमान, झूठे दावे, धर्म या जाति के नाम पर वोट मांगना, या बिना इजाज़त किसी की फोटो, इन सबसे दूर रहिए।
प्रिंट से पहले चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के नियम देखिए
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127A कहती है कि हर छपे हुए चुनावी पोस्टर और पैम्फलेट पर सामने मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता होना चाहिए। प्रकाशक प्रेस को अपनी पहचान का घोषणा पत्र देता है, और प्रेस उसकी कॉपी पोस्टर के साथ ज़िला मजिस्ट्रेट या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजता है। इसलिए डिजाइन में नीचे एक लाइन छोड़िए और प्रेस से पूछकर सही नाम और पता भरवाइए।
भारत निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता बिना इजाज़त किसी की ज़मीन, मकान या दीवार पर बैनर, पोस्टर या नारा लगाने से रोकती है। पंचायत और नगर निगम के चुनाव हर राज्य का राज्य निर्वाचन आयोग करवाता है और उसके अपने नियम होते हैं; सोसाइटी, कॉलेज या बार के चुनाव में वहां की कमेटी के नियम चलते हैं। प्रेस भेजने से पहले अपने रिटर्निंग ऑफिसर या कमेटी से ताज़ा नियम पूछ लीजिए।
WhatsApp के लिए और प्रिंट के लिए चुनावी पोस्टर
- WhatsApp और Facebook: चौकोर मांगिए। गांव और मोहल्ले के ग्रुप में नाम और चिन्ह बड़े रखिए; छोटी लिखाई फोन पर नहीं पढ़ी जाती
- चौड़ा कवर या बैनर: फोन किनारे काट देता है, नाम और चिन्ह बीच में; पूरी बात बैनर वाले पेज पर
- दीवार का प्रिंट पोस्टर: "प्रिंट के लिए, खड़ा" कहिए, प्रेस से पहले फाइल का साइज़ पूछिए, और मुद्रक और प्रकाशक की लाइन मत भूलिए
- पेड विज्ञापन से पहले: बड़े चुनाव में सोशल मीडिया पर राजनीतिक विज्ञापन के लिए चुनाव आयोग की मीडिया कमेटी (MCMC) से पहले सर्टिफिकेट चाहिए होता है, और Meta की अपनी परमिशन भी; बूस्ट से पहले दोनों के नियम पढ़िए
चुनावी पोस्टर डिजाइन का खर्च
डिजाइन का कोई खर्च नहीं। रोज़ 4,00,000 तक फ्री AI Token मिलते हैं, और पोस्टर बनाकर कुछ बार बदलना आम तौर पर इसी में हो जाता है। प्रचार के लिए घर घर बांटने वाला पैम्फलेट भी यहीं बनता है, वही रंग और वही फोटो के साथ।
बैकग्राउंड के लिए बिना लिखाई वाली AI फोटो, जैसे गांव या गली का सीन, रोज़ 20 तक फ्री। प्रिंटिंग का खर्च प्रेस का है; हम कुछ प्रिंट नहीं करते, और चुनाव के खर्च का हिसाब रखना उम्मीदवार का काम है।
चुनावी पोस्टर के बारे में सवाल
सरपंच चुनाव का पोस्टर कैसे बनाएं?
उम्मीदवार का नाम, "सरपंच पद के उम्मीदवार", ग्राम पंचायत का नाम, चुनाव चिन्ह, वोटिंग की तारीख और नारा लिखिए, और फोटो दीजिए। AI लेआउट बनाता है; देखिए, जो बदलना है हिंदी में बताइए, फिर PNG डाउनलोड कीजिए।
चुनावी पोस्टर बनाने वाला ऐप कौन सा है?
कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना। फोन के ब्राउज़र में यह पेज खोलिए, हिंदी में उम्मीदवार की जानकारी लिखिए, और पोस्टर वहीं बनकर PNG में डाउनलोड होता है।
चुनावी पोस्टर पर प्रेस का नाम लिखना ज़रूरी है?
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में धारा 127A के हिसाब से हर छपे पोस्टर पर मुद्रक और प्रकाशक का नाम और पता ज़रूरी है। पंचायत और नगर निगम के चुनाव के लिए अपने राज्य निर्वाचन आयोग या रिटर्निंग ऑफिसर से नियम पूछिए।
चुनाव चिन्ह की फोटो कहां से लाऊं?
चिन्ह मिलने पर उसकी साफ कॉपी रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर या नोटिस से लीजिए। AI आम चीज़ें बना सकता है, लेकिन सरकारी नमूने से मिलता चिन्ह ज़्यादा सुरक्षित है।
क्या एक पोस्टर पर पूरा पैनल आ सकता है?
हां, जैसे सोसाइटी या यूनियन का पूरा पैनल अपने पद के साथ। लेकिन नाम जितने ज़्यादा, लिखाई उतनी छोटी। दूर से पढ़े जाने वाले पोस्टर के लिए एक उम्मीदवार बेहतर; पैनल की लिस्ट पैम्फलेट में डालिए।
क्या BanglaCodes किसी पार्टी के लिए पोस्टर बनाता है?
नहीं, BanglaCodes किसी पार्टी या उम्मीदवार की तरफ नहीं। हर कोई अपना पोस्टर एक ही शर्त पर बना सकता है। लिखाई आपकी ज़िम्मेदारी है, इसलिए अपमान, झूठे दावे और धर्म या जाति के नाम पर अपील से बचिए।
क्या आप चुनावी पोस्टर प्रिंट करते हैं?
नहीं, हम कुछ प्रिंट नहीं करते। डिजाइन यहां बनाकर PNG डाउनलोड कीजिए, फिर अपनी पसंद के प्रेस से छपवाइए। प्रेस से पहले फाइल का साइज़ पूछिए और नीचे उसका नाम और पता लिखवाइए।