पैम्फलेट कैसे बनाएं मोबाइल से? लिखिए, AI बनाए, प्रिंट करवाइए
पैम्फलेट कैसे बनाएं मोबाइल से? एडमिशन, ऑफर या सत्संग का पम्पलेट लिखकर बताइए, AI बना देगा। A5 या A4 प्रिंट साइज़ में, डिजाइन फ्री।
- मेरी कोचिंग का एडमिशन पैम्फलेट बना दो, A5: "उत्कर्ष क्लासेस, कक्षा 6 से 10"। पॉइंट: छोटे बैच, हर हफ्ते टेस्ट, लड़कियों का अलग बैच। पता: सिविल लाइंस, प्रयागराज।
- भागवत कथा का पैम्फलेट बना दो, A5: कथा की तारीख, समय शाम 4 बजे से, जगह और कथावाचक का नाम मैं दे रहा हूं। ब्लैक एंड व्हाइट, फोटोकॉपी के लिए।
- हमारे नए जिम का ओपनिंग ऑफर: पहले महीने की फीस में छूट, लेडीज़ बैच अलग। फिट ज़ोन जिम, सेक्टर 12, फरीदाबाद। दोनों तरफ वाला पैम्फलेट चाहिए, A4।
क्या पैम्फलेट फोन पर, हिंदी में, प्रिंट के लिए तैयार बन सकता है?
हां। लिखिए पैम्फलेट पर क्या हो: ऑफर या खबर, तीन से पांच पॉइंट, पता और फोन नंबर, और कहिए "A5 प्रिंट के लिए" या A4। शब्द असली फॉन्ट में सेट होते हैं और पैम्फलेट फोटो बनकर डाउनलोड होता है; साइज़ चेक करके प्रेस ले जाइए। डिजाइन यहां फ्री है, प्रिंटिंग प्रेस करता है।
पैम्फलेट कैसे बनाएं मोबाइल से, तीन स्टेप में
- पॉइंट और साइज़ लिखिए: सबसे ऊपर की लाइन, तीन से पांच पॉइंट, पता और नंबर, और प्रिंट साइज़: A5 या A4, एक तरफ या दोनों तरफ।
- हर लाइन पढ़िए: पैम्फलेट आए तो हर नाम, तारीख और नंबर पढ़िए। कुछ बदलना हो तो हिंदी में कहिए, जैसे "पॉइंट बड़े करो"।
- प्रेस के लिए डाउनलोड: डाउनलोड दबाइए, पैम्फलेट PNG बनकर फोन में। साइज़ चेक कीजिए, फिर फाइल प्रेस को दीजिए या WhatsApp पर भेजिए।
पैम्फलेट के लिए DTP वाले की दुकान पर बैठना खत्म
पैम्फलेट का मतलब अक्सर DTP वाले की दुकान का चक्कर: कोई टाइप करता है, आप साथ बैठकर मात्रा की गलतियां बताते हैं, और एक लाइन बदलनी हो तो फिर जाना पड़ता है। दुकान बंद, तो आपका काम भी बंद।
यहां फोन पर लिखिए पैम्फलेट पर क्या हो, और वह असली फॉन्ट में सेट होकर आ जाता है। स्पेलिंग वैसी रहती है जैसी आपने लिखी, और आधी रात को भी एक पॉइंट बदलकर नई फोटो डाउनलोड कर सकते हैं।
एक पैम्फलेट पर कितना आता है
लोग पैम्फलेट लगभग दस सेकंड हाथ में रखते हैं, फिर जेब में रखते हैं या फेंक देते हैं। दस सेकंड में जितना पढ़ा न जाए उससे ज़्यादा लिखा तो असली बात खो जाती है।
- ऊपर एक बड़ी लाइन: ऑफर या खबर, जैसे "एडमिशन चालू है" या "हर चीज़ पर दिवाली छूट"
- तीन से पांच पॉइंट: लोग आपके पास क्यों आएं। "अनुभवी टीचर" नहीं, कुछ खास: "हर हफ्ते टेस्ट", "बैच में पंद्रह स्टूडेंट"
- पता और पहचान: सड़क और मोहल्ला, साथ में कोई जगह जो सब जानते हों, जैसे "हनुमान मंदिर के पास"
- फोन नंबर: सबसे मोटी लिखाई में, नीचे एक लाइन में; खुद लिखिए और डाउनलोड के बाद एक एक अंक मिलाइए
- वेबसाइट हो तो QR कोड: "साइट मैनेज करें" से QR डाउनलोड करके बिल्डर को दीजिए और कोने में लगवाइए
पैम्फलेट का साइज़: A5 या A4, और फोटोकॉपी
ज़्यादातर पैम्फलेट A5 होते हैं, A4 का आधा: बांटने में आसान, अखबार में मोड़ा जा सकता है। कहने को ज़्यादा हो, जैसे पूरा बैच शेड्यूल या कथा के सातों दिन का कार्यक्रम, तो A4। लिखते समय साइज़ बताइए: "A5 प्रिंट के लिए, खड़ा"।
प्रेस जाने से पहले गैलरी में पैम्फलेट की फोटो की डिटेल खोलिए, वहां साइज़ पिक्सल में लिखा होता है। प्रेस आम तौर पर A4 के लिए 2480 x 3508 और A5 के लिए 1748 x 2480 पिक्सल मांगते हैं; आपका प्रेस कुछ और मांगे तो वही बिल्डर को लिखिए।
फोटोकॉपी करके बांटना है तो ब्लैक एंड व्हाइट डिजाइन मांगिए। रंगीन पैम्फलेट फोटोकॉपी में धुंधला और मैला आता है, सफेद कागज़ पर काले शब्द सबसे साफ।
पम्पलेट डिजाइन: कोचिंग, कथा, जिम और दुकान
कोचिंग का पैम्फलेट: कौन सी कक्षा, कौन से विषय, बैच में कितने, टेस्ट कितनी बार, क्लास कब शुरू। बैनर और वेबसाइट भी चाहिए तो कोचिंग वाला पेज देखिए। स्कूल का पैम्फलेट: कौन सी कक्षा तक, माध्यम हिंदी या English, बस सुविधा है या नहीं, एडमिशन की तारीखें और कौन से कागज़ लाने हैं।
कथा, जागरण या सत्संग का पैम्फलेट: तारीख दिन के साथ, समय, जगह, कथावाचक या भजन गायक के नाम बिल्कुल सही, और आयोजक समिति का नाम। दुकान का ऑफर पैम्फलेट: किन चीज़ों पर छूट, कब तक, और दुकान कहां है; ऊपर अपना लोगो लगाइए।
पैम्फलेट कहां बांटें
- सुबह के अखबार के अंदर, हॉकर के ज़रिए; एक साथ पूरे मोहल्ले के घरों तक, भारत में सबसे आम तरीका
- स्कूल की छुट्टी के समय गेट पर, पेरेंट्स के हाथ में; कोचिंग और ट्यूशन के लिए सबसे अच्छी जगह
- मंदिर, गुरुद्वारा या मस्जिद के बाहर, कथा या कार्यक्रम की खबर के लिए
- पैम्फलेट की फोटो खुद मोहल्ले के WhatsApp ग्रुप और लोकल Facebook ग्रुप में लगाइए; बिना कागज़ के ज़्यादा लोग देखते हैं
पैम्फलेट बनाने का खर्च
डिजाइन का खर्च कुछ नहीं: रोज़ 4,00,000 तक फ्री AI Token मिलते हैं, और एक पैम्फलेट बनाकर कुछ बार ठीक करना आम तौर पर इसी में हो जाता है।
प्रिंटिंग अलग खर्च है जो प्रेस तय करता है: कागज़, रंगीन या ब्लैक एंड व्हाइट, एक तरफ या दोनों, और कितनी कॉपी। हम प्रिंट नहीं करते, इसलिए रेट नहीं बताते; एक ही काम दो तीन प्रेस वालों को बताकर पूछिए।
पैम्फलेट के बारे में सवाल
पैम्फलेट, हैंडबिल और फ्लायर में क्या फर्क है?
लगभग कुछ नहीं। हाथ से बांटा जाने वाला एक छपा पन्ना भारत में अक्सर पैम्फलेट, पर्चा या हैंडबिल कहलाता है, कुछ लोग फ्लायर कहते हैं। यहां सब एक तरह बनते हैं: लिखिए क्या हो और किस साइज़ का।
पैम्फलेट कैसे बनाएं ऑनलाइन, बिना कंप्यूटर के?
फोन के ब्राउज़र में लिखिए पैम्फलेट पर क्या हो और किस साइज़ का। लिखना, बदलना और प्रिंट साइज़ में डाउनलोड सब वहीं होता है। न कंप्यूटर, न डिजाइन ऐप।
प्रेस को कौन सी फाइल दें?
डाउनलोड की हुई PNG। प्रेस से पहले पूछिए कितनी बड़ी फाइल चाहिए; आपकी छोटी हो तो बिल्डर से बड़ी करवाकर दोबारा डाउनलोड कीजिए।
कोचिंग के पैम्फलेट पर क्या लिखें?
कौन सी कक्षा और विषय, बैच में कितने, टेस्ट कितनी बार, क्लास कब शुरू, पता और फोन। फीस हो तो खुद लिखिए। पांच से ज़्यादा पॉइंट नहीं, वरना पैम्फलेट भरा भरा लगता है।
क्या पैम्फलेट पूरा हिंदी में बन सकता है?
हां। शब्द देवनागरी में लिखिए, वे असली हिंदी फॉन्ट में सेट होकर फोटो बनते हैं। छपने से पहले हर नाम और नंबर एक बार पढ़ लीजिए।
पैम्फलेट बनाने का कितना खर्च है?
डिजाइन यहां फ्री है, रोज़ के फ्री AI Token से। प्रिंटिंग प्रेस का रेट है जो कागज़, रंग और कॉपी की गिनती पर है; हम प्रिंट नहीं करते, इसलिए दो तीन प्रेस से पूछिए।
ये भी बना सकते हैं
- पोस्टर: ऑफर, त्योहार या नोटिस का पोस्टर, साफ लिखाई में
- बैनर: दुकान, एडमिशन, त्योहार या कार्यक्रम का बैनर
- चुनावी पोस्टर: सरपंच, पंचायत, वार्ड या कॉलेज चुनाव के पोस्टर
- कोचिंग: कोचिंग की वेबसाइट, एडमिशन बैनर और पैम्फलेट
- लोगो: दुकान या ब्रांड का लोगो, तीन स्टाइल में