दुकान का बिल कैसे बनाएं? कैश मेमो, इनवॉइस और रसीद PDF में
दुकान का बिल अपनी दुकान के नाम से: ग्राहक, सामान और रेट लिखिए, टोटल खुद बनेगा, PDF WhatsApp पर भेजिए। बिल ऐप बनाना और लाइव करना फ्री।
- मेरी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान है, नाम बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स, लैमिंग्टन रोड, मुंबई। कैश मेमो बिल बनाने वाला ऐप बना दो, GST नहीं, बिल नंबर अपने आप अगला लगे।
- दर्ज़ी के लिए बिल बना दो: ग्राहक का नाम, कपड़ा कौन सा, सिलाई, एडवांस, बाकी और डिलीवरी की तारीख। दुकान का नाम जयपुर टेलर्स, राजा पार्क।
- मैं फ्रीलांस फोटोग्राफर हूं। क्लाइंट को भेजने के लिए इनवॉइस और रसीद का ऐप बना दो, नीचे मेरी UPI ID से पेमेंट का तरीका लिखा हो।
क्या अपनी दुकान का बिल खुद डिजाइन करके PDF में भेज सकते हैं?
हां। दुकान का नाम, पता और फोन हिंदी में दीजिए, AI बिल बनाने वाला ऐप बना देता है। हर बिक्री पर ग्राहक का नाम, सामान, मात्रा और रेट डालिए; टोटल खुद बनता है, फिर PDF डाउनलोड करके WhatsApp पर भेजिए या प्रिंट कीजिए। ऐप बनाना और लाइव करना फ्री है।
दुकान का बिल कैसे बनाएं, तीन स्टेप में
- दुकान की जानकारी दीजिए: नाम, पता, फोन, और GST लगता है या नहीं। लोगो हो तो साथ में लगाइए, बिल के ऊपर आएगा।
- सैंपल बिल बनाइए: AI कुछ मिनट में ऐप बना देता है। दो तीन चीज़ें डालकर टोटल चेक कीजिए, फिर PDF डाउनलोड करके लिखाई देखिए।
- लाइव कीजिए, काउंटर पर रखिए: लाइव करने का बटन दबाइए और लिंक दुकान के फोन और कंप्यूटर पर सेव कीजिए। फिर हर बिक्री पर ग्राहक और सामान डालिए और PDF भेजिए।
दुकान की हाथ से लिखी बिल बुक का झंझट खत्म
भीड़ में हाथ से बिल बुक भरने का मतलब: गलत टोटल, धुंधली कार्बन कॉपी, और ऑनलाइन ग्राहक को बिल की फोटो। दुकान के नाम वाली छपी बिल बुक खत्म हुई तो फिर प्रेस का चक्कर।
यहां बिल आपके अपने ऐप में रहता है। दुकान का नाम, पता और फोन एक बार सेट; आप सिर्फ ग्राहक का नाम, सामान, मात्रा और रेट डालते हैं, टोटल खुद। फिर साफ PDF सीधे ग्राहक के WhatsApp पर। बिल बनाने वाला ऐप कौन सा है, यह ढूंढने की ज़रूरत नहीं।
दुकान का बिल बुक फॉर्मेट: कैश मेमो के हर खाने में क्या
- ऊपर बड़े अक्षरों में कागज़ का नाम: कैश मेमो, बिल, टैक्स इनवॉइस या रसीद
- दुकान का नाम, लोगो, पता और फोन, और GSTIN अगर हो
- बिल नंबर और तारीख; नंबर हर बार एक बढ़े, ताकि कोई नंबर दो बार न आए
- ग्राहक का नाम, फोन और पता; GST वाले ग्राहक का GSTIN भी, अगर वह दे
- सामान की लाइनें: विवरण, मात्रा, रेट और रकम, जितनी लाइनें चाहिए
- नीचे सबटोटल, छूट, GST (CGST और SGST या IGST, अलग लाइन में, दर के साथ), कुल रकम और रकम शब्दों में
- उधार बिक्री के लिए जमा और बाकी; साइन की जगह और आखिर में धन्यवाद
कैश मेमो, इनवॉइस या रसीद: कौन सा कब
इनवॉइस माल या काम देने के बाद पैसे मांगने के लिए दिया जाता है। कैश मेमो या रसीद पैसे मिलने के बाद सबूत के तौर पर। नकद बिक्री में दोनों एक साथ होते हैं, इसलिए दुकान एक ही कैश मेमो देती है; उधार पर दो कागज़ अलग चाहिए।
अलग रसीद चाहिए तो इसी ऐप में दूसरा पन्ना मांगिए: किससे मिला, कितना, किस चीज़ का, और कैसे (नकद, UPI या बैंक ट्रांसफर)। यह सिर्फ लिखने का खाना है; ऐप खुद कोई पेमेंट नहीं लेता।
अभी सिर्फ एक बिल चाहिए? चैट इस्तेमाल कीजिए
रोज़ बिल नहीं बनाते तो ऐप की ज़रूरत नहीं। नई चैट खोलिए, "Invoice or receipt" (इनवॉइस या रसीद) वाला कार्ड दबाइए, और दुकान का नाम, ग्राहक का नाम और क्या खरीदा रेट के साथ लिखिए। AI साफ A4 इनवॉइस लिखता है: नंबर, तारीख, सामान की टेबल, टोटल और नीचे पेमेंट की शर्तें। जो नहीं दिया वह खाली, अपनी तरफ से कुछ नहीं।
जवाब के नीचे "PDF / प्रिंट" दबाइए, साफ पन्ने पर प्रिंट या PDF। दिन में बहुत बिल बनाते हैं तो ऊपर के बटन से अपना ऐप बनाइए; हर बिल बताकर लिखवाने से कहीं तेज़ है।
दर्ज़ी का बिल और ऑर्डर की पर्ची
दर्ज़ी को पैसा दो कदम में मिलता है: नाप वाले दिन एडवांस, बाकी डिलीवरी पर। इसलिए दर्ज़ी के बिल में ऑर्डर नंबर, ग्राहक का नाम और फोन, कौन से कपड़े और कितने, सिलाई, एडवांस, बाकी और डिलीवरी की तारीख चाहिए। ये खाने अपनी बात में लिखिए, ऐप वैसा ही बनेगा।
नाप की कॉपी भी फोन पर रखनी हो तो बिल्डर पेज पर तैयार प्रॉम्प्ट में "Tailor's order book" (दर्ज़ी की ऑर्डर बुक) देखिए: हर ग्राहक का नाप कपड़े के हिसाब से सेव, अगले ऑर्डर पर एक टैप में वापस, और कपड़ा तैयार होने पर एक बटन से ग्राहक को WhatsApp पर बाकी रकम के साथ मैसेज।
दुकान के बिल ऐप का खर्च, और बिल कहां रहते हैं
बिल ऐप बनाना, बदलना और आपका-नाम.banglacodes.app पर लाइव रखना फ्री है, रोज़ 4,00,000 तक फ्री AI Token से। ऐप बन जाने के बाद हर बिल में कोई Token नहीं लगता, क्योंकि बिल आपका ऐप बनाता है, AI नहीं।
पहले यह जान लीजिए: आपके बिल किसी सर्वर पर सेव नहीं होते। डाउनलोड की हुई PDF आपकी कॉपी है, फोन के किसी फोल्डर में रखिए या खुद को ईमेल कीजिए। इसी फोन पर पुराने बिल रखने हों तो बनाते समय कहिए "पुराने बिल सेव रखो"। बिक्री का पूरा हिसाब रखना हो तो उधार खाता ऐप साथ में बनाइए।
दुकान के बिल के बारे में सवाल
क्या दुकान का बिल फ्री में बन सकता है?
हां। बिल ऐप बनाना और banglacodes.app पते पर लाइव रखना फ्री है, और ऐप बन जाने के बाद हर बिल में कोई Token नहीं लगता।
क्या GST वाला टैक्स इनवॉइस बन सकता है?
हां। बॉक्स में लिखिए कि GST लगता है, किस दर से, और राज्य के अंदर की बिक्री है या बाहर की; इनवॉइस उसे अलग लाइन में जोड़ लेता है। किस चीज़ पर कौन सी दर है यह अपने CA से पूछिए; AI खुद कोई दर नहीं चुनता।
बिल बनाने वाला ऐप फ्री डाउनलोड कहां से करें?
डाउनलोड नहीं, यहां बनता है। हिंदी में दुकान की जानकारी दीजिए, AI आपका अपना बिल ऐप बना देता है; लाइव करके फोन की होम स्क्रीन पर लगाइए, आइकन वाले ऐप की तरह खुलता है।
क्या बिल प्रिंट हो सकता है?
हां। ऐप का प्रिंट बटन सिर्फ बिल छापता है, सफेद A4 पन्ने पर, बिना बटनों के। प्रिंटर नहीं? PDF पास के साइबर कैफे या फोटोकॉपी वाले के पास ले जाकर छपवा लीजिए।
बिल कैसे बनाएं मोबाइल से?
ऐप बनाना, बिल लिखना, PDF डाउनलोड और WhatsApp पर भेजना सब फोन के ब्राउज़र में। वही लिंक दुकान के कंप्यूटर पर भी चलता है।
क्या बिल पर UPI ID लिख सकते हैं?
हां, सादे टेक्स्ट की तरह: नीचे अपनी UPI ID और पेमेंट का तरीका लिखवा लीजिए। ऐप खुद पेमेंट नहीं लेता, ग्राहक खुद भेजता है और आप अपने बैंक ऐप में चेक करते हैं।
ये भी बना सकते हैं
- उधार खाता ऐप: बिक्री, खर्च और ग्राहक का उधार एक ऐप में
- ऑनलाइन दुकान: प्रोडक्ट, कार्ट और ऑर्डर वाली ऑनलाइन दुकान
- लोगो: दुकान या ब्रांड का लोगो, तीन स्टाइल में
- ऐप: हिसाब, बुकिंग, हाज़िरी या अपने काम का ऐप